पूजा विधि एवं कर्मकांडकुश का आसन पूजा में क्यों प्रयोग करते हैंकुश आसन मंत्र-सिद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ है — यह पाप-नाशक घास है जिसमें त्रिमूर्ति का वास माना जाता है। यह विद्युत का कुचालक है इसलिए साधना की शक्ति भूमि में नहीं जाती। कुश पर बैठकर जप से अनंत गुना फल मिलता है।#कुश आसन#कुशासन#मंत्र सिद्धि
व्रत-पूर्व तैयारीमकर संक्रांति की तैयारी में मानसिक शुद्धि के क्या नियम हैं?मकर संक्रांति की मानसिक तैयारी: पूर्ण ब्रह्मचर्य पालन, भूमि या कुश के आसन पर शयन, और ईर्ष्या-क्रोध-लोभ का त्याग। यह कायिक-वाचिक-मानसिक शुद्धि की समग्र प्रक्रिया है जो साधक को खगोलीय संक्रमण ग्रहण के योग्य बनाती है।
महामृत्युंजय और महाकाल भैरव तुलनामहामृत्युंजय साधना में कौन सा आसन प्रयोग करें?महामृत्युंजय साधना में कुश या ऊन का सात्त्विक रंग का आसन प्रयोग करना चाहिए।#कुश आसन#ऊन आसन#सात्त्विक रंग
जप आसनमंत्र जप करते समय कौन सा आसन सही है?जप के लिए पद्मासन सर्वोत्तम है। सुखासन (पालथी) और सिद्धासन भी उत्तम हैं। रीढ़ सीधी रखना सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। कुश या ऊनी आसन पर बैठें — भूमि पर सीधे नहीं। बैठते समय 'ॐ आसनाय नमः' बोलें।#आसन#जप आसन#पद्मासन