शिव-सती-पार्वती कथावीरभद्र कौन है और उसकी उत्पत्ति कैसे हुईवीरभद्र शिव के पहले उग्र रुद्रावतार और गण हैं। सती के आत्मदाह के समाचार पर क्रोधित शिव ने जटा उखाड़कर पर्वत पर फेंकी — उससे आठ भुजाओं वाले विकराल वीरभद्र प्रकट हुए।#वीरभद्र#शिव अवतार#जटा
शिव पार्वती विवाहशिव की बारात में कौन-कौन थे?शिव की बारात में ब्रह्मा, विष्णु, इंद्र, सप्तर्षि, देवता, गंधर्व, यक्ष, नाग, किन्नर, गण, भूत-प्रेत, पिशाच, योगिनियाँ और समस्त जीव-जंतु शामिल थे। यह अब तक की सबसे विचित्र और अद्भुत बारात थी।#शिव बारात#शिव पार्वती विवाह#गण
शिव पूजा विधिशिव के गण भृंगी और नंदी की पूजा कैसे करें?नंदी: शिवलिंग से पहले दर्शन, जल-अक्षत-चंदन, 'ॐ नंदीश्वराय नमः', कान में मनोकामना। भृंगी: शिव अनन्य भक्त — केवल शिव पूजा → पार्वती शाप → अस्थिपंजर → शिव ने तीसरा पैर दिया। 'ॐ भृंगिरीट्याय नमः'। शिक्षा: शिव-शक्ति अभिन्न — एकतरफा पूजा अधूरी।#भृंगी#नंदी#गण