मंत्र जप एवं साधनागणेश जी के 108 नामों का जप कैसे करेंबुधवार को स्नान करके, दूर्वा-मोदक चढ़ाएं, लाल माला से 'ॐ [नाम] नमः' क्रम में 108 नाम जपें। गणेश चतुर्थी को यह जप विशेष फलदायक है।#गणेश 108 नाम#जप विधि#गणेश पूजा
त्योहार पूजादीपावली पूजा की संपूर्ण विधि क्या है?दीपावली पूजा: सफाई → चौकी सज्जा → गणेश पूजन → महालक्ष्मी षोडशोपचार → महाकाली (दवात) → सरस्वती (बहीखाता) → कुबेर (तिजोरी) → दीप-मालिका (11/13/21 दीपक) → आरती → श्री सूक्त पाठ। रात भर दीप प्रज्वलित।#दीपावली#लक्ष्मी पूजा
पूजा विधिगणेश पूजा विधि क्या है?गणेश पूजा में पंचामृत स्नान, सिंदूर, 21 दूर्वा, लाल पुष्प, जनेऊ अर्पण, 21 मोदक का भोग, 'ॐ गं गणपतये नमः' का 108 बार जप और आरती करें। पूजा में तुलसी वर्जित है। बुधवार और चतुर्थी तिथि सर्वश्रेष्ठ है।#गणेश पूजा#विधि#षोडशोपचार