लोकयमलोक गर्भोदक सागर के ऊपर क्यों बताया गया है?यमलोक को पृथ्वी के नीचे और गर्भोदक सागर से थोड़ा ऊपर, त्रिलोकी और गर्भोदक सागर के मध्य स्थित बताया गया है।#यमलोक#गर्भोदक सागर#भागवत पुराण
लोकयमलोक कहाँ स्थित है?यमलोक ब्रह्मांड के दक्षिणी भाग में, पृथ्वी के नीचे और गर्भोदक सागर के जल से थोड़ा ऊपर पितृलोक की परिधि में स्थित है।#यमलोक स्थान#ब्रह्मांड संरचना#भागवत पुराण
लोकरसातल नाम में ‘रस’ का क्या अर्थ है?रसातल में ‘रस’ जल या जलीय आधार की निकटता को दर्शाता है।#रसातल नाम#रस अर्थ#जल
लोकरसातल लोक गर्भोदक सागर के पास क्यों माना गया है?रसातल गर्भोदक सागर के पास माना गया है क्योंकि यह ब्रह्मांडीय जल-स्तर और जल-मग्न आधार के निकट स्थित है।#रसातल#गर्भोदक सागर#जलीय आधार
लोकनरक लोक वितल लोक से कहाँ स्थित हैं?नरक लोक वितल सहित सातों पाताल लोकों से भी नीचे, गर्भोदक सागर के ऊपर और दक्षिण दिशा में स्थित हैं।#नरक लोक#वितल लोक#पाताल
लोकशेषनाग सातों पातालों के नीचे कहाँ हैं?सातों पातालों के 30,000 योजन नीचे गर्भोदक सागर में शेषनाग (अनंत देव) विराजमान हैं जो ब्रह्मांड का भार अपने फनों पर धारण करते हैं।#शेषनाग#30000 योजन#गर्भोदक सागर
लोकशेषनाग का पाताल लोक से क्या संबंध है?सातों पातालों के 30,000 योजन नीचे गर्भोदक सागर में भगवान शेषनाग (अनंत) विराजमान हैं जो अपने फनों पर सम्पूर्ण ब्रह्मांड का भार धारण करते हैं।#शेषनाग#पाताल#गर्भोदक सागर