आगमशास्त्र और दर्शनमहोदरेश्वर शिवलिंग को काशी का 'गुप्त लिंग' क्यों कहा जाता है?ऐतिहासिक रूप से आक्रांताओं से रक्षा हेतु इसे गुप्त रखा गया। तांत्रिक दृष्टि से यह अंतर्मुखी ऊर्जा और सुषुम्ना नाड़ी का प्रतीक है, जो आडंबर-रहित एकांत साधना की माँग करता है।#गुप्त शिवलिंग#काशी के गुप्त लिंग#तांत्रिक रहस्य
काशी के शिवलिंगशंकुकर्णेश्वर महादेव को 'गुप्त शिवलिंग' क्यों कहते हैं?दो कारण — (1) ऐतिहासिक: ऐबक, लोदी, औरंगजेब के आक्रमणों से बचाने के लिए छिपाया गया, (2) दार्शनिक: शिव का वास साधक के सूक्ष्म शरीर (लिंग देह) में गुप्त रूप से है — गुप्त शिवलिंग इसी सत्य का प्रतीक।
काशी के शिवलिंगशंकुकर्णेश्वर महादेव कौन हैं और इनकी स्थापना किसने की?शंकुकर्णेश्वर महादेव काशी का गुप्त शिवलिंग है, जिसे शिवगण 'शंकुकर्ण' ने स्थापित किया। काशी खंड अध्याय 69 में इसे काशी के 68 मोक्षदायी शिवलिंगों में गिना गया है।#शंकुकर्णेश्वर महादेव#काशी#शिवगण