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गृह प्रवेश से जुड़े सभी प्रश्न(7)

गृह प्रवेश पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 7 प्रश्न उपलब्ध हैं।

मुहूर्त शास्त्र

गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त कैसे देखें?

शुभ: माघ/फाल्गुन/वैशाख/ज्येष्ठ, सोम/बुध/गुरु/शुक्र, शुक्लपक्ष तिथि, रोहिणी/पुष्य/चित्रा नक्षत्र। वर्जित: चातुर्मास, मंगलवार, अमावस्या, राहुकाल, भद्रा, पंचक। .com देखें।

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वास्तु शास्त्र

नए घर में सबसे पहले क्या लेकर प्रवेश करें

नए घर में सबसे पहले: जल कलश (स्वस्तिक सहित), जलता दीपक, अन्न पात्र, पवित्र ग्रंथ और दूध ले जाएं। गाय को पहले प्रवेश कराना सर्वाधिक शुभ है। दाहिने पैर से प्रवेश करें। खाली बर्तन या टूटी वस्तुएं न ले जाएं।

#गृह प्रवेश#शुभ सामग्री#परंपरा
वास्तु शास्त्र

गृह प्रवेश में वास्तु पूजा कैसे करें विधि सहित

गृह प्रवेश विधि: शुभ मुहूर्त में गंगाजल से शुद्धि → गणपति पूजन → वास्तु पुरुष पूजन → नवग्रह पूजन → दिक्पाल पूजन → वास्तु शांति हवन → पूर्णाहुति → दाहिने पैर से प्रवेश → रसोई में दूध उबालना।

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संस्कार विधि

गृह प्रवेश पूजा में दूध उबालने का क्या विधान है?

दूध उबालना: दूध=समृद्धि/पवित्रता, उफनना=प्रचुरता ('सुख बाहर बहे'), रसोई शुद्धि (अन्नपूर्णा आह्वान), खीर=प्रथम प्रसाद। उफनने दें (शुभ), रोकें नहीं। नई रसोई का प्रथम कार्य।

#गृह प्रवेश#दूध उबालना#शुभ
संस्कार विधि

गृह प्रवेश पूजा में गाय क्यों प्रवेश कराते हैं सबसे पहले?

गाय प्रवेश: 33 करोड़ देवता वास (सब देवता प्रवेश), पवित्रतम (गोमूत्र=भूमि शुद्धि), लक्ष्मी/कामधेनु (धन-समृद्धि), वास्तु दोष शांति (नकारात्मकता दूर)। गाय → गृहस्वामी → परिवार क्रम।

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पूजा विधि

गृह शांति पूजा कैसे करवाएं?

गृह शांति पूजा: शुभ मुहूर्त → गणेश पूजन → कलश स्थापना → नवग्रह पूजन → वास्तु पुरुष पूजन → हवन → पंचदेव पूजन → शांति पाठ → गंगाजल छिड़काव → दान। नये घर, अशुभ घटना, वास्तु-ग्रह दोष निवारण हेतु। अनुभवी पुरोहित से करवाएँ।

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मंदिर संस्कार

मंदिर में गृह प्रवेश पूजा के लिए क्या सामग्री ले जाएं?

मंदिर हेतु: कलश (जल+नारियल+पत्ते), रोली-हल्दी-अक्षत, पुष्प, धूप-दीपक, नारियल, सुपारी, पान, गंगाजल, पंचामृत, फल, मिठाई, दक्षिणा। मंदिर में: दर्शन → प्रार्थना → नारियल → प्रसाद → फिर घर। घर में: दूध उबालना (प्रथम) → गणपति → हवन → गृहलक्ष्मी प्रवेश। मुहूर्त ज्योतिषी से।

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