विस्तृत उत्तर
गृह शांति पूजा घर में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाने के लिए की जाती है। यह नये घर में प्रवेश, किसी अशुभ घटना, या ग्रह दोष निवारण के लिए करवाई जाती है।
गृह शांति पूजा कब करवाएँ
- ▸नये घर में प्रवेश (गृहप्रवेश) के समय।
- ▸घर में बार-बार अशुभ घटनाएँ या बीमारी होने पर।
- ▸वास्तु दोष निवारण हेतु।
- ▸ग्रह दोष या कालसर्प आदि योग के प्रभाव से।
- ▸किसी मृत्यु या अशौच के बाद घर की शुद्धि हेतु।
गृह शांति पूजा की प्रमुख विधि
- 1शुभ मुहूर्त: ज्योतिषी से शुभ दिन और समय निर्धारित करवाएँ।
- 1गणेश पूजन: सर्वप्रथम विघ्नहर्ता गणेश जी का पूजन।
- 1कलश स्थापना: जल से भरा कलश, आम के पत्ते, नारियल, लाल कलावा के साथ स्थापित करें।
- 1नवग्रह पूजन: नवग्रहों का विधिवत पूजन और शांति।
- 1वास्तु पुरुष पूजन: वास्तु पुरुष (वास्तु देवता) का पूजन।
- 1हवन: घी, तिल, जौ, चावल, सप्तधान्य, नवग्रह समिधा से हवन।
- 1पंचदेव पूजन: सूर्य, गणेश, दुर्गा, शिव, विष्णु — पंचदेवों का पूजन।
- 1शांति पाठ: ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः... शांति पाठ।
- 1गोचर: घर के प्रत्येक कमरे में गंगाजल और गोमूत्र का छिड़काव।
- 1दान-दक्षिणा: पुरोहित को दक्षिणा, ब्राह्मण भोजन, गरीबों को दान।
सामग्री: कलश, नारियल, आम के पत्ते, सुपारी, पंचामृत, गंगाजल, हवन कुण्ड, हवन सामग्री, नवग्रह यंत्र, लाल वस्त्र, फल-फूल, अगरबत्ती, कपूर, दीपक आदि।
विशेष: गृह शांति पूजा अनुभवी पुरोहित से ही करवानी चाहिए। पूजा के दिन परिवार के सभी सदस्यों को उपस्थित रहना चाहिए और सात्त्विक भोजन करना चाहिए।





