पूजा स्थानघर में मंदिर कहाँ होना चाहिए?घर में मंदिर: ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) — सर्वोत्तम। मूर्ति का मुख पूर्व या पश्चिम में। पूजक का मुख पूर्व या उत्तर। मूर्ति चौकी पर रखें, भूमि पर नहीं। दक्षिण दिशा और शयन कक्ष में मंदिर उचित नहीं।#घर मंदिर#दिशा#ईशान कोण
स्थापना विधिशिवलिंग की स्थापना कैसे करें?शिवलिंग स्थापना में: नर्मदेश्वर सर्वोत्तम (प्राण प्रतिष्ठा की आवश्यकता नहीं)। घर में ईशान कोण, अंगूठे से छोटा आकार। पंचामृत शुद्धि, स्थापना मंत्र 'ॐ नमः शिवाय'। नित्य पूजा अनिवार्य। गृहस्थों के लिए पार्थिव लिंग (मिट्टी का) सर्वोत्तम विकल्प।#शिवलिंग स्थापना
गृह मंदिरघर में मंदिर कैसे बनाएं?घर में मंदिर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में बनाएं — यह सर्वोत्तम है। देवता का मुख पूर्व की ओर हो। शयन कक्ष और दक्षिण दिशा में मंदिर न बनाएं। मूर्ति की ऊँचाई हृदय के समांतर या ऊपर हो। खंडित मूर्ति घर में न रखें।#घर मंदिर#पूजा स्थान#ईशान कोण