शिव रूपनटराज रूप में शिव की पूजा कब और कैसे करनी चाहिए?प्रदोष काल सर्वोत्तम (शिव तांडव का समय)। चिदंबरम = नटराज का मुख्य केंद्र (पंचभूत आकाश तत्त्व)। 'ॐ नटराजाय नमः' 108 बार + शिव तांडव स्तोत्र। नटराज = अज्ञान पर विजय, सृष्टि-संहार चक्र। कलाकारों/नर्तकों के लिए विशेष।#नटराज#तांडव#चिदंबरम
अष्टमूर्ति'भीम' (आकाश तत्त्व) स्वरूप का क्या प्रसिद्ध तीर्थ है?'भीम' = आकाश तत्त्व में शिव। प्रसिद्ध तीर्थ: चिदंबरम — नटराज मंदिर, जहाँ नीला शून्याकर आकाश तत्त्व रूप में है।#भीम#आकाश तत्त्व
शिव स्वरूपशिव जी का नटराज रूप क्या है?नटराज = नृत्य के राजा शिव। चार भुजाएं: डमरू (सृष्टि), अग्नि (प्रलय), अभयमुद्रा (रक्षा), गजहस्त (मोक्ष)। अपस्मार दानव को पैर से कुचला = अज्ञान पर विजय। CERN में भी नटराज की प्रतिमा है — ब्रह्मांडीय ऊर्जा चक्र के प्रतीक के रूप में।#नटराज#तांडव#आनंद तांडव
तीर्थ स्थलचिदंबरम नटराज मंदिर और आकाश तत्व संबंध?चिदंबरम तमिलनाडु — पंचभूत आकाश तत्व। चिदम्बर रहस्य = खाली स्थान (शून्य) = निराकार शिव = आकाश। नटराज = सृष्टि नृत्य (CERN)। 5 पंचभूत: पृथ्वी-कांची, जल-तिरुवनैक्कावल, अग्नि-तिरुवण्णामलई, वायु-कालहस्ती, आकाश-चिदंबरम।#चिदंबरम#नटराज#आकाश