विस्तृत उत्तर
भीम — आकाश तत्त्व: प्रसिद्ध प्रतीक एवं पावन तीर्थ है चिदंबरम (नटराज मंदिर, जहाँ नीला शून्याकर आकाश तत्त्व रूप में है)।
'भीम' (आकाश तत्त्व) स्वरूप का क्या प्रसिद्ध तीर्थ है को संदर्भ सहित समझें
'भीम' (आकाश तत्त्व) स्वरूप का क्या प्रसिद्ध तीर्थ है का सबसे सीधा सार यह है: 'भीम' = आकाश तत्त्व में शिव। प्रसिद्ध तीर्थ: चिदंबरम — नटराज मंदिर, जहाँ नीला शून्याकर आकाश तत्त्व रूप में है।
अष्टमूर्ति जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
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इसी विषय के 5 प्रश्न
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शिव की अष्टमूर्ति क्या है?
अष्टमूर्ति = शिव आठ मूल तत्त्वों में व्याप्त: शर्व (पृथ्वी), भव (जल), रुद्र (अग्नि), उग्र (वायु), भीम (आकाश), महादेव (सूर्य), सोमनाथ (चंद्र), पशुपति (जीव/आत्मा)। शिव पुराण: इनकी पूजा के बिना शिव की आराधना निष्फल।
'शर्व' (पृथ्वी तत्त्व) स्वरूप का क्या प्रसिद्ध तीर्थ है?
'शर्व' = पृथ्वी तत्त्व में शिव। प्रसिद्ध तीर्थ: एकाम्रेश्वर शिवलिंग — कांचीपुरम, जहाँ शिव पृथ्वी तत्त्व रूप में पूजे जाते हैं।
नटराज रूप में शिव की पूजा कब और कैसे करनी चाहिए?
प्रदोष काल सर्वोत्तम (शिव तांडव का समय)। चिदंबरम = नटराज का मुख्य केंद्र (पंचभूत आकाश तत्त्व)। 'ॐ नटराजाय नमः' 108 बार + शिव तांडव स्तोत्र। नटराज = अज्ञान पर विजय, सृष्टि-संहार चक्र। कलाकारों/नर्तकों के लिए विशेष।
शिव जी का नटराज रूप क्या है?
नटराज = नृत्य के राजा शिव। चार भुजाएं: डमरू (सृष्टि), अग्नि (प्रलय), अभयमुद्रा (रक्षा), गजहस्त (मोक्ष)। अपस्मार दानव को पैर से कुचला = अज्ञान पर विजय। CERN में भी नटराज की प्रतिमा है — ब्रह्मांडीय ऊर्जा चक्र के प्रतीक के रूप में।
चिदंबरम नटराज मंदिर और आकाश तत्व संबंध?
चिदंबरम तमिलनाडु — पंचभूत आकाश तत्व। चिदम्बर रहस्य = खाली स्थान (शून्य) = निराकार शिव = आकाश। नटराज = सृष्टि नृत्य (CERN)। 5 पंचभूत: पृथ्वी-कांची, जल-तिरुवनैक्कावल, अग्नि-तिरुवण्णामलई, वायु-कालहस्ती, आकाश-चिदंबरम।
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