कुंडलिनीतंत्र में मणिपूर चक्र को कैसे जागृत करें?तीसरा — 10 दल, पीला, अग्नि, बीज 'रं'। 'ॐ रं जाग्रनय ह्रीं मणिपुर रं ॐ फट'। कपालभाति/नौली। लक्षण: 'आत्मविश्वास, बुद्धि, सही निर्णय।' अग्नि=तीव्र। गुरु।#मणिपुर#चक्र#जागृत
मंत्र जप व्यावहारिकमंत्र जप के दौरान नींद आने पर क्या उपाय करें?आंखें अर्ध-खुली/नासिकाग्र। वाचिक (बोलकर)। गति बदलें। खड़े 5 मिनट। ठंडा जल। समय बदलें। हल्का/खाली पेट। रात 7-8 घंटे नींद पहले → फिर जप।#नींद#जप#उपाय
कुंडलिनीविशुद्ध चक्र जागृत होने पर वाणी में क्या परिवर्तन आता है? 'सत्य+अभिव्यक्ति केंद्र।' सत्य स्वतः, मधुर, वाक् सिद्धि ('बोलें=हो'), गायन↑, मंत्र शक्ति↑, अनावश्यक↓। बीज 'हं'।#विशुद्ध#चक्र#वाणी