तत्पुरुष फलपुनर्जन्म के बंधन से कैसे छूटा जा सकता है?नियतात्मा, ध्यानपरायण और जितेन्द्रिय होकर महेश्वर की शरण लेने से साधक पुनर्भव के बंधन से छूटता है।#पुनर्जन्म#पुनर्भव#मुक्ति
तत्पुरुष फलध्यान और इन्द्रिय संयम से पाप कैसे दूर होते हैं?नियतात्मा, ध्यानपरायण और जितेन्द्रिय होकर महेश्वर की शरण लेने से सभी पाप दूर होते हैं।#ध्यान#इन्द्रिय संयम#जितेन्द्रिय
धर्म और आचारआचार्य कैसा होना चाहिए?आचार्य वृद्ध, निलोभी, जितेन्द्रिय, दम्भरहित, विनम्र और सरल स्वभाव वाला होना चाहिए।#आचार्य#वृद्ध#निलोभी
साधु और संतजितेन्द्रिय व्यक्ति कैसा होता है?जो इन्द्रिय-विषयों या ऐश्वर्यों की अप्राप्ति पर क्रोध नहीं करता और प्राप्ति पर हर्षित नहीं होता, वह जितात्मा है।#जितेन्द्रिय#इन्द्रिय संयम#ऐश्वर्य
शिव प्रसन्नताशिव किन लोगों पर प्रसन्न होते हैं?शिव संत, जितेन्द्रिय, धर्मज्ञ, साधु, आचार्य, दयावान्, तपस्वी, वैराग्यपरायण, ज्ञानी, दानी और सत्यवादी लोगों पर प्रसन्न होते हैं।#शिव#महेश्वर#संत