तंत्र साधनातारा देवी का एकाक्षरी मंत्रमाता तारा का एकाक्षरी बीज मंत्र 'स्त्रीं' है। मध्यरात्रि में इसका जप करने से भयंकर आर्थिक संकट दूर होते हैं और साधक को वाक् सिद्धि (कही बात का सच होना) प्राप्त होती है।#तारा देवी#उग्र तारा#एकाक्षरी
उत्पत्ति और शास्त्रीय संदर्भनील सरस्वती की उत्पत्ति की क्या कथा है?कथा: महर्षि वशिष्ठ ने कठिन तप किया → तारा देवी प्रसन्न → नील सरस्वती के रूप में प्रकट होकर वशिष्ठ को सभी प्रकार के ज्ञान का वरदान दिया। वशिष्ठ = तारा देवी के पहले उपासक। नील सरस्वती = तारा विद्या का सबसे गुप्त पक्ष — गुरु-शिष्य परंपरा से प्राप्य।
तंत्र साधनातारा देवी साधना कैसे करें?तारा = नीलसरस्वती — वाक्-सिद्धि, विद्या, विदेश-रक्षा। तीन रूप: एकजटा, नीलसरस्वती, उग्रतारा। मंत्र: 'ॐ त्रीं ह्रीं ह्रूं तारायै स्वाहा'। नीले वस्त्र, मंगलवार/शनिवार। ध्यान: नीलवर्णा, एकजटा। भोग: नीलकमल, तिल। फल: वाणी-प्रभाव, लेखन-वक्तृत्व, विदेश-रक्षण।#तारा देवी#तारा तंत्र#नीलसरस्वती