श्राद्ध दर्शनपशु योनि वाले पितर को श्राद्ध का अंश क्या बनकर मिलता है?पशु योनि में स्थित पितर को श्राद्ध का अंश 'तृण' (घास) बनकर मिलता है। पशु अन्न नहीं खा सकते — इसलिए मंत्र शक्ति से अन्न उनके योग्य घास में रूपांतरित हो जाता है। मत्स्य/स्कंद पुराण का दर्शन।#पशु योनि#तृण#घास
लोकपशु योनि में पूर्वज को श्राद्ध कैसे प्राप्त होता है?पशु योनि में पूर्वज को श्राद्ध का तत्त्व तृण या चारे के रूप में प्राप्त होता है।#पशु योनि#श्राद्ध#तृण