दिव्यास्त्रमंत्र से अस्त्र कैसे चलाया जाता थादिव्यास्त्र के लिए देव-संबंधित मंत्र का विधिपूर्वक उच्चारण करते हुए बाण धनुष पर चढ़ाया जाता था। मंत्र से देवता की शक्ति अस्त्र में समाती थी। यह विद्या गोपनीय और गुरु-परंपरा से मिलती थी।#मंत्र अस्त्र#दिव्यास्त्र विधि#धनुर्वेद
अस्त्र शस्त्रब्रह्मास्त्र कैसे चलाया जाता है?ब्रह्मास्त्र मांत्रिक अस्त्र था — ब्रह्मा का ध्यान करके बाण को विशेष मंत्र से अभिमंत्रित करके छोड़ा जाता था। मन और आत्मा की शक्ति आवश्यक थी, शारीरिक बल नहीं। ज्ञान दुर्लभ था।#ब्रह्मास्त्र
अस्त्र शस्त्रमंत्र से अस्त्र कैसे उत्पन्न किया जाता था?बाण को धनुष पर चढ़ाकर देव का ध्यान और बीज-मंत्र उच्चारण से अभिमंत्रित किया जाता था। मन की एकाग्रता और शुद्धता अनिवार्य थी। अस्त्र की शक्ति वस्तु में नहीं — मंत्र और भाव में थी।#मंत्र अस्त्र#अभिमंत्रित#बीज मंत्र