रामचरितमानस — बालकाण्डसीता-राम विवाह तय होने पर राजा जनक ने किसे दूत बनाकर भेजा?विशिष्ट नाम मानस में नहीं — जनक ने विश्वामित्रजी की सलाह पर दूत भेजे। दूतों ने दशरथ को सब समाचार सुनाये — धनुष भंग, जयमाला, बारात का निमन्त्रण। दशरथ प्रसन्न हुए, बारात की तैयारी शुरू।#बालकाण्ड#दूत#जनक
रामचरितमानस — बालकाण्डराजा जनक ने अयोध्या में दूत क्यों भेजे?धनुष भंग और जयमाला के बाद विवाह की औपचारिक प्रक्रिया के लिये। दशरथ को बारात लेकर आने का निमन्त्रण। वसिष्ठजी ने कहा — 'राजन राम सरिस सुत जाकें' — राम जैसे पुत्र हैं, बारात सजाओ।#बालकाण्ड
रामचरितमानस — बालकाण्डपरशुरामजी के जाने के बाद क्या हुआ?जनक ने अयोध्या में दशरथ के पास दूत भेजे — धनुष भंग, जयमाला हुई, बारात लाइये। दशरथ को अपार आनन्द। वसिष्ठजी ने कहा — बारात सजाओ। रानियाँ हर्ष से भरीं।#बालकाण्ड#परशुराम प्रस्थान#दूत