दिव्यास्त्रशिव ने दुर्गा को त्रिशूल क्यों दियामहिषासुर-वध के लिए देवताओं ने देवी दुर्गा को अपने अस्त्र दिए। शिव ने अपने शूल से त्रिशूल निकालकर देवी को दिया। देवी ने इसी त्रिशूल से महिषासुर का वध किया — इसलिए उन्हें महिषासुरमर्दिनी कहते हैं।#शिव दुर्गा त्रिशूल#महिषासुर#देवी शक्ति
लोकमहामाया ने मधु कैटभ को कैसे मोहित किया?महामाया ने अपनी मोहशक्ति से उनका विवेक ढक दिया, जिससे वे अहंकार में फंस गए।#महामाया मोह#मधु कैटभ#देवी शक्ति
शब्द ब्रह्म और मंत्र शक्ति'मंत्र चैतन्य' क्या होता है?'मंत्र चैतन्य' वह शक्ति है जिसके द्वारा देवी का मंत्र जड़ पदार्थ में चेतना का संचार करता है — रत्न सिद्धि की प्रक्रिया इसी सिद्धांत पर आधारित है।#मंत्र चैतन्य#जड़ पदार्थ#चेतना संचार
देवी महात्म्यदुर्गा पूजा का महत्व क्या है?दुर्गा पूजा त्रिदेवों की संयुक्त शक्ति का उत्सव है — महिषासुर वध का स्मरण। आध्यात्मिक रूप से यह तमस-रजस-अहंकार का नाश और आंतरिक शक्ति की जागृति है। सप्तशती में कहा गया — शत्रु भय, रोग, दरिद्रता नाश और मोक्ष इसके फल हैं।#दुर्गा पूजा#महत्व#नवरात्रि