दिव्यास्त्रभगदत्त को वैष्णवास्त्र कैसे मिला?भगदत्त को वैष्णवास्त्र वंशानुगत मिला — विष्णु → पृथ्वी देवी → नरकासुर → भगदत्त। यह पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित हुआ।#भगदत्त#वैष्णवास्त्र#नरकासुर
दिव्यास्त्रनरकासुर कौन था और उसे भौमासुर क्यों कहते हैं?नरकासुर भगदत्त का पिता था जिसका जन्म भूमि देवी और विष्णु के वराह अवतार से हुआ था। इसीलिए उसे 'भौमासुर' यानी 'भूमि का पुत्र' कहते हैं।#नरकासुर#भौमासुर#भूमि देवी
दिव्यास्त्रभगदत्त और भौमास्त्र के बीच भ्रम क्यों पैदा होता है?भ्रम इसलिए होता है क्योंकि नरकासुर को भौमासुर (भूमि का पुत्र) कहते थे। लोग सोचते हैं उसके पुत्र भगदत्त ने भौमास्त्र चलाया होगा, लेकिन वास्तव में उसने वैष्णवास्त्र चलाया।#भगदत्त#भौमास्त्र#भ्रम
व्रत एवं त्योहारनरक चतुर्दशी की कथा क्या है?नरक चतुर्दशी पर भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा की सहायता से अत्याचारी राक्षस नरकासुर का वध किया और 16 हजार बंदी स्त्रियों को मुक्त कराया था। इसी की खुशी में दीप जलाए गए और यह पर्व मनाया जाने लगा।#नरक चतुर्दशी#नरकासुर#कृष्ण
त्योहार पूजानरक चतुर्दशी पर सुबह तेल स्नान क्यों करते हैं?नरक चतुर्दशी तेल स्नान: कृष्ण ने नरकासुर वध के बाद प्रातः अभ्यंग स्नान किया — उसी स्मृति में। विधि: ब्रह्म मुहूर्त → तिल/सरसों तेल मालिश → हल्दी-बेसन उबटन → गर्म जल स्नान। फल: नरक यातना मुक्ति, पाप शुद्धि।#नरक चतुर्दशी#छोटी दिवाली#अभ्यंग स्नान