विस्तृत उत्तर
इस भ्रम का मूल भगदत्त के वंश और नाम से जुड़ा है। भगदत्त नरकासुर का पुत्र था। नरकासुर का जन्म भूमि देवी और भगवान विष्णु के वराह अवतार के संयोग से हुआ था, जिस कारण उसे भौमासुर अर्थात 'भूमि का पुत्र' के नाम से भी जाना जाता था। इसी नाम की समानता के कारण लोग तार्किक रूप से यह मान लेते हैं कि भौमासुर के पुत्र भगदत्त ने भूमि देवी के अस्त्र भौमास्त्र का प्रयोग किया होगा। हालाँकि सत्य यह है कि नरकासुर को वैष्णवास्त्र अपने पिता भगवान विष्णु से प्राप्त हुआ था जिसे उसने अपने पुत्र भगदत्त को दिया था।
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