पूजा विधिकालसर्प शांति पूजा कब करनी चाहिए?कालसर्प शांति पूजा नाग पंचमी, शिवरात्रि या मासिक शिवरात्रि पर करें। तीर्थ में करनी हो तो नाग पंचमी या महाशिवरात्रि; पितृदोष के लिए अमावस्या पर करें।#नाग पंचमी#शिवरात्रि#मासिक शिवरात्रि
पर्वनाग पंचमी पर बामी की पूजा क्यों करते हैंबामी पूजा: (1) बामी=नागों का निवास — घर जाकर पूजा। (2) पाताल मार्ग। (3) शिव-नाग सम्बन्ध (श्रावण)। (4) कृषि रक्षा — नाग=फसल मित्र। दूध+हल्दी+कुमकुम बामी पर। सर्प को जबरन दूध वर्जित — हानिकारक।#नाग पंचमी#बामी#सर्प
त्योहार पूजानाग पंचमी पर सर्प को दूध पिलाने से क्या वास्तव में लाभ होता है?सर्प दूध: सर्प=रेप्टाइल, दूध नहीं पचा सकते। हानिकारक (संक्रमण/मृत्यु)। सपेरे भूखा रखकर विवश। PETA: सैकड़ों मृत्यु। सही: प्रतिमा/शिवलिंग पर। जीवित सर्प=रक्षा करें।#नाग पंचमी#दूध#सर्प
त्योहार पूजानाग पंचमी पर नाग पूजा कैसे करें?नाग पंचमी: श्रावण शुक्ल पंचमी। विधि: गेरू/हल्दी से नाग चित्र या प्रतिमा → दूध, दूर्वा, लावा, खीर अर्पण → अष्टनाग स्मरण → नाग स्तोत्र → व्रत कथा। जमीन खोदना वर्जित। जीवित सर्प को दूध देना हानिकारक — प्रतिमा पर अर्पित करें।#नाग पंचमी#सर्प पूजा#श्रावण शुक्ल पंचमी