विस्तृत उत्तर
यह कालसर्प दोष शांति के लिए एक संपूर्ण 'शास्त्रोक्त षोडशोपचार पूजा' की क्रमवार प्रक्रिया है, जिसे साधक स्वयं नाग पंचमी, शिवरात्रि, या मासिक शिवरात्रि पर कर सकता है।
तीर्थ-प्रयोग के लिए: नाग पंचमी या महाशिवरात्रि के दिन, तीर्थ स्थानों (त्र्यंबकेश्वर, उज्जैन, काशी) में जाकर यह पूजा करना सर्वोत्तम माना जाता है।
पितृदोष शमन के लिए: किसी भी 'अमावस्या' तिथि को यह पूजा की जा सकती है।




