लोकगरुड़ पुराण में अजामिल का उदाहरण क्यों दिया गया है?अजामिल ने मृत्यु के समय अपने पुत्र 'नारायण' को पुकारा था। भगवान के नाम के प्रभाव से विष्णुदूत प्रकट हुए और यमदूतों से बचाकर वैकुंठ भेजा। यह नाम-महिमा का प्रमाण है।#अजामिल#गरुड़ पुराण#नारायण नाम
नाम महिमा एवं भक्तिअजामिल ने अंतिम क्षण नारायण नाम लेकर कैसे मुक्ति पाईश्रीमद्भागवत के छठे स्कंध में — अजामिल ने मृत्यु के समय पुत्र-बुलाहट में 'नारायण' पुकारा। विष्णुदूतों ने यमदूतों को रोका क्योंकि नारायण नाम — अनजाने में ही — पाप नष्ट करता है। बाद में भक्ति करके वह वैकुण्ठ गया। यह कथा नाम-शक्ति का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है।
नाम महिमा एवं भक्तिप्रह्लाद ने नारायण नाम से कैसे बचे अग्नि सेश्रीमद्भागवत के सातवें स्कंध में वर्णित है कि नारायण-नाम के जप से प्रह्लाद पर जहर, हाथी, पहाड़ और अग्नि का असर नहीं हुआ। होलिका अग्नि में जल गई परंतु नाम-जपते प्रह्लाद सुरक्षित रहे। यह कथा नाम-भक्ति की सर्वोच्च शक्ति का प्रमाण है।#प्रह्लाद#नारायण नाम#अग्नि परीक्षा