विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में अजामिल का उदाहरण भगवान के नाम की अपार शक्ति को प्रमाणित करने के लिए दिया गया है। अजामिल एक पापी व्यक्ति था जिसने अपने जीवन में अनेक पाप कर्म किए थे। परंतु उसने अपने छोटे पुत्र का नाम 'नारायण' रखा था। मृत्युशैया पर पड़े हुए जब यमदूत उसे पाश में बाँधने आए तो उसने अपने पुत्र को पुकारा — 'नारायण!' उसने यह नाम भगवान के लिए नहीं बल्कि अपने पुत्र के लिए पुकारा था। परंतु 'नारायण' नाम के उच्चारण से भगवान के दूत (विष्णुदूत) वहाँ प्रकट हुए और उन्होंने यमदूतों को भगाकर अजामिल की रक्षा की। इस प्रकार मात्र भगवान के नाम का अनजाने में भी उच्चारण उसे यमदूतों से बचाने में समर्थ था। गरुड़ पुराण इस उदाहरण से यह सिद्ध करता है कि मृत्यु के समय भगवान के नाम का स्मरण करोड़ों पापों को तत्काल भस्म कर देता है।
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