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नैतिकता से जुड़े सभी प्रश्न(10)

नैतिकता पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 10 प्रश्न उपलब्ध हैं।

दिव्यास्त्र

दिव्यास्त्र प्राप्त करना केवल शक्ति अर्जन नहीं बल्कि जिम्मेदारी भी था — कैसे?

दिव्यास्त्र की जिम्मेदारी थी कि योद्धा को चलाने के साथ वापस लेने का मंत्र भी सीखना होता था। अन्यथा अश्वत्थामा की तरह अनर्थ हो सकता था।

#दिव्यास्त्र#जिम्मेदारी#वापस लेने का मंत्र
दिव्यास्त्र

पाशुपतास्त्र का क्या संदेश है?

पाशुपतास्त्र का संदेश है — सच्ची शक्ति तपस्या और नैतिकता से मिलती है, शक्ति के साथ जिम्मेदारी आती है, और इसका प्रयोग केवल धर्म रक्षा के लिए होना चाहिए।

#पाशुपतास्त्र#संदेश#तपस्या
सनातन सिद्धांत

धर्म का अर्थ क्या है?

धर्म = 'धृ' धातु — जो धारण करे/टिकाए। कर्तव्य + नैतिकता + सही आचरण। मनुस्मृति: 10 लक्षण (धैर्य, क्षमा, सत्य, अहिंसा...)। कणाद: जो उन्नति और मोक्ष दे। महाभारत: 'अहिंसा परमो धर्मः'। गीता: स्वधर्म ही श्रेष्ठ। उपनिषद: 'न हि सत्यात् परो धर्मः'।

#धर्म#स्वधर्म#कर्तव्य
परिवार धर्म

बच्चों को नैतिकता सिखाएँ हिंदू कथाओं से?

सत्य=हरिश्चंद्र, भक्ति=प्रह्लाद, साहस=अभिमन्यु, मित्रता=कृष्ण-सुदामा, सेवा=श्रवण कुमार, क्षमा=युधिष्ठिर, बुद्धि=विदुर, त्याग=राम। रोज़ 1 कथा+'क्या सीखा?'=बच्चा स्वयं moral निकाले।

#बच्चे#नैतिकता#कथा
शिव शाबर मंत्र

शाबर मंत्रों के प्रयोग में 'सावधानी' का सबसे बड़ा नियम क्या है?

बिना गलत नीयत के, सुरक्षा नियमों और ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए ही इसका प्रयोग करें।

#सावधानी#नैतिकता#सुरक्षा
शिव शाबर मंत्र

क्या शाबर मंत्रों का प्रयोग बुराई के लिए किया जा सकता है?

नहीं, इनका प्रयोग केवल आत्म-रक्षा और जन-कल्याण के लिए ही करें। गलत उपयोग घातक हो सकता है।

#नैतिकता#सावधानी#चेतावनी
हिंदू दर्शन

सत्य अहिंसा अस्तेय ब्रह्मचर्य अपरिग्रह पांच यम

योगसूत्र 2.30 — पांच यम (महाव्रत, सार्वभौमिक): अहिंसा (सर्व प्राणी दया), सत्य (मन-वचन-कर्म एकरूपता), अस्तेय (चोरी/लालसा न), ब्रह्मचर्य (ऊर्जा संयम/ईश्वर-चिंतन), अपरिग्रह (अत्यधिक संग्रह न)। अहिंसा सबसे पहले = सर्वोच्च। जाति/देश/काल से परे — सभी मनुष्यों के लिए।

#पांच यम#योगसूत्र#पतंजलि
हिंदू दर्शन

हिंदू धर्म में नैतिकता के दस नियम कौन से

मनुस्मृति 6.92 — धर्म के 10 लक्षण: धृति (धैर्य), क्षमा, दम (संयम), अस्तेय (अचौर्य), शौच (शुद्धता), इंद्रिय निग्रह, धी (बुद्धि/विवेक), विद्या (ज्ञान), सत्य, अक्रोध। ये सार्वभौमिक — जाति/वर्ण/लिंग से परे, सभी मनुष्यों का धर्म।

#नैतिकता#दस लक्षण#धर्म
तंत्र ज्ञान

वशीकरण मंत्र क्या है?

वशीकरण तंत्र के षट्कर्म में आता है — किंतु कुलार्णव तंत्र स्पष्ट कहता है: 'दूसरे की इच्छा के विरुद्ध वश करना पाप है।' शास्त्र का मत है कि षट्कर्म में केवल 'शांति' (रोग-बाधा निवारण) सात्विक और उचित है। सच्ची साधना आत्मोद्धार के लिए है, दूसरों के शोषण के लिए नहीं।

#वशीकरण#षट्कर्म#शास्त्र मत
तंत्र ज्ञान

वशीकरण मंत्र क्या है?

वशीकरण तंत्र के षट्कर्मों में से एक है — किंतु कुलार्णव तंत्र की स्पष्ट चेतावनी है कि दूसरों को वश में करने की चेष्टा साधक को स्वयं हानि पहुँचाती है। श्रेष्ठ वशीकरण है — आत्म-वशीकरण: अपने मन और इंद्रियों को वश में करना। किसी की स्वतंत्र इच्छा का हरण पाप है।

#वशीकरण#षट्कर्म#तंत्र कर्म
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