शिव मंदिरकेदारनाथ में शिव की पूजा अन्य ज्योतिर्लिंगों से कैसे भिन्न है?त्रिकोणाकार शिवलिंग (बैल की पीठ — अन्य सभी में गोलाकार)। पंचकेदार कथा: भीम ने बैल-शिव की पीठ पकड़ी, 5 अंग 5 स्थानों पर। सर्वाधिक ऊंचा ज्योतिर्लिंग (11,755 ft)। 6 माह बंद (शीतकाल)। गर्भगृह में अंधकार — दीपक से दर्शन, घी अर्पित कर आलिंगन। शंकराचार्य समाधि।#केदारनाथ#ज्योतिर्लिंग#पंचकेदार
ज्योतिर्लिंगकेदारनाथ ज्योतिर्लिंग की उत्पत्ति कैसे हुई?पहली कथा — नर-नारायण ऋषि की तपस्या से शिव केदार श्रृंग पर ज्योतिर्लिंग रूप में विराजे। दूसरी कथा — पांडव भ्रातृहत्या पाप से मुक्ति के लिए आए, शिव भैंसा बने, भीम ने पीठ पकड़ी, वही त्रिकोणाकार भाग केदारनाथ में पूजित हुआ।
शिव मंदिरपंच केदार यात्रा का महत्व और क्रम क्या है?5 स्थानों पर शिव के 5 अंग (पांडव कथा): केदारनाथ (पीठ), मद्महेश्वर (नाभि), तुंगनाथ (भुजाएं — सबसे ऊंचा शिव मंदिर), रुद्रनाथ (मुख), कल्पेश्वर (जटा — वर्षभर खुला)। पूर्ण शिवलिंग = केदारनाथ + पशुपतिनाथ (नेपाल)।#पंचकेदार#केदारनाथ#तुंगनाथ