लोकविष्णु पुराण में भुवर्लोक का क्षैतिज विस्तार कितना बताया गया है?विष्णु पुराण के अनुसार भुवर्लोक का क्षैतिज विस्तार बिल्कुल भूलोक (पृथ्वी) के ही समान है। दोनों का घेरा एक जैसा है।#विष्णु पुराण#भुवर्लोक#क्षैतिज विस्तार
ज्योतिष ज्ञानविंशोत्तरी दशा पद्धति क्या है?पराशर प्रणीत, सबसे प्रचलित। 9 ग्रह=120 वर्ष (सूर्य6+चंद्र10+मंगल7+राहु18+गुरु16+शनि19+बुध17+केतु7+शुक्र20)। जन्म नक्षत्र=पहली दशा। योग+दशा=फलित। सबसे महत्वपूर्ण भविष्यवाणी उपकरण।#विंशोत्तरी#दशा#120 वर्ष
लोकविष्णु पुराण में नरकों का वर्णन कैसे है?विष्णु पुराण में पराशर मुनि रौरव, रोध, सूकर, तप्तकुण्ड आदि नरकों और उनके पाप-दंड का वर्णन करते हैं।#विष्णु पुराण#नरक#दंड विधान
लोकविष्णु पुराण में सत्यलोक का क्या वर्णन है?विष्णु पुराण सत्यलोक की सटीक दूरियाँ, 88,000 ऊर्ध्वरेता मुनियों की संख्या और सूर्य के प्रकाश के निस्तेज होने पर बल देता है।#विष्णु पुराण#सत्यलोक#पराशर