लोकविष्णु पुराण में भुवर्लोक का क्षैतिज विस्तार कितना बताया गया है?विष्णु पुराण के अनुसार भुवर्लोक का क्षैतिज विस्तार बिल्कुल भूलोक (पृथ्वी) के ही समान है। दोनों का घेरा एक जैसा है।#विष्णु पुराण#भुवर्लोक#क्षैतिज विस्तार
ज्योतिष ज्ञानविंशोत्तरी दशा पद्धति क्या है?पराशर प्रणीत, सबसे प्रचलित। 9 ग्रह=120 वर्ष (सूर्य6+चंद्र10+मंगल7+राहु18+गुरु16+शनि19+बुध17+केतु7+शुक्र20)। जन्म नक्षत्र=पहली दशा। योग+दशा=फलित। सबसे महत्वपूर्ण भविष्यवाणी उपकरण।#विंशोत्तरी#दशा#120 वर्ष
शिष्य परम्परापराशर, गर्ग, भार्गव और अंगिरा कौन थे?पराशर, गर्ग, भार्गव और अंगिरा योगाचार्यों के शिष्यों की विस्तृत नामावली में बताए गए हैं।#पराशर#गर्ग#भार्गव
व्यासअट्ठाईस व्यास कौन-कौन हैं?अट्ठाईस व्यासों में क्रतु से लेकर कृष्णद्वैपायन तक नाम बताए गए हैं।#अट्ठाईस व्यास#व्यास#कृष्णद्वैपायन
श्रीमद्भागवतवेदव्यास का जन्म कैसे हुआ?व्यासजी का जन्म द्वापर युग में महर्षि पराशर से वसुकन्या सत्यवती के गर्भ से बताया गया है।#वेदव्यास जन्म#पराशर#सत्यवती
श्रीमद्भागवतवेदव्यास कौन थे?वेदव्यास पराशर और सत्यवती के पुत्र, भगवान के कलावतार योगीराज, वेद-विभाजक और महाभारत रचने वाले महामुनि बताए गए हैं।#वेदव्यास#व्यासजी#पराशर
श्रीमद्भागवतव्यास अवतार ने वेदों को क्यों बाँटा?व्यास अवतार में भगवान ने लोगों की समझ और धारणाशक्ति कम देखकर वेद रूप वृक्ष की कई शाखाएँ बना दीं।#व्यास अवतार#वेद#सत्यवती
लोकविष्णु पुराण में नरकों का वर्णन कैसे है?विष्णु पुराण में पराशर मुनि रौरव, रोध, सूकर, तप्तकुण्ड आदि नरकों और उनके पाप-दंड का वर्णन करते हैं।#विष्णु पुराण#नरक#दंड विधान
लोकविष्णु पुराण में सत्यलोक का क्या वर्णन है?विष्णु पुराण सत्यलोक की सटीक दूरियाँ, 88,000 ऊर्ध्वरेता मुनियों की संख्या और सूर्य के प्रकाश के निस्तेज होने पर बल देता है।#विष्णु पुराण#सत्यलोक#पराशर