श्लोकों का अर्थचन्द्रशेखराष्टकम् के पहले श्लोक में क्या वर्णन है?पहले श्लोक में त्रिपुरांतक शिव का वर्णन है जिन्होंने मेरु धनुष, वासुकी प्रत्यंचा और विष्णु बाण से त्रिपुरासुर जलाया — 'मम किं करिष्यति वै यमः' (यमराज मेरा क्या करेगा)।#पहला श्लोक#त्रिपुरांतक#मेरु धनुष
महेश्वर कवचम् के श्लोक और अर्थमहेश्वर कवचम् का पहला श्लोक क्या है?महेश्वर कवचम् का पहला श्लोक (आवाहन): 'नमस्तस्मै शिवाय महादेव, यस्य अनंता कीर्तिः, जीव पर सदा अनुकंपा...' — अर्थ: उस महाकाल सदाशिव को नमस्कार जिनकी कीर्ति अनंत और कृपा हर जीव पर है।
अर्धनारीश्वर स्तोत्रअर्धनारीश्वर स्तोत्र का पहला श्लोक क्या है?पहला श्लोक: 'चाम्पेयगौरार्धशरीरकायै कर्पूरगौरार्धशरीरकाय...' — देवी का रंग चंपा पुष्प जैसा और शिव का रंग कपूर जैसा श्वेत बताया गया है।#अर्धनारीश्वर स्तोत्र#पहला श्लोक#चाम्पेयगौर
स्तोत्र पाठबिल्वाष्टकम् का पहला श्लोक (त्रिदलं त्रिगुणाकारं...) क्या है?श्लोक है: 'त्रिदलं त्रिगुणाकारं, त्रिनेत्रं च त्रियायुधम्। त्रिजन्मपाप संहारं, एकबिल्वं शिवार्पणम्॥' (तीन गुणों और तीन नेत्रों वाले, तीन जन्मों के पाप मिटाने वाले इस बेलपत्र को मैं शिव को अर्पित करता हूँ)।#पहला श्लोक#त्रिदलं त्रिगुणाकारं#पाप संहार