महेश्वर कवचम् का पहला श्लोक क्या है का सबसे सीधा सार यह है: महेश्वर कवचम् का पहला श्लोक (आवाहन): 'नमस्तस्मै शिवाय महादेव, यस्य अनंता कीर्तिः, जीव पर सदा अनुकंपा...' — अर्थ: उस महाकाल सदाशिव को नमस्कार जिनकी कीर्ति अनंत और कृपा...
महेश्वर कवचम् के श्लोक और अर्थ जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
•उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
•महेश्वर कवचम् के श्लोक और अर्थ श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
•यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।