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विस्तृत उत्तर
बटुक भैरव के सात्त्विक बाल स्वरूप का ध्यान श्लोक (वन्दे बालं) साधक के मन को एकाग्र करता है और भैरव की सौम्यता को मानसिक रूप से जागृत करता है। इस ध्यान श्लोक का पाठ कूर्म मुद्रा के साथ किया जाता है।
आवाहन: ध्यान श्लोक का जप कूर्म मुद्रा के साथ करते हुए बटुक भैरव का आवाहन तीनों आवाहन मुद्राओं से करना चाहिए।
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