विस्तृत उत्तर
बटुक भैरव के ध्यान श्लोक का अर्थ इस प्रकार है:
मैं बटुक भैरव के बाल रूप की वंदना करता हूँ:
- ▸जिनका स्वरूप स्फटिक के समान शुद्ध है
- ▸जिनका मुख घुंघराले केशों से शोभायमान है
- ▸वे नव-मणियों से जड़ित दिव्य आभूषणों और घुँघरू (किंकिणी-नूपुर) से सुसज्जित हैं
- ▸उनका आकार दीप्तिमान है, मुख निर्मल और वे अत्यंत प्रसन्नचित्त त्रिनेत्रधारी हैं
- ▸वे अपने कर-कमलों में निरंतर शूल (त्रिशूल) और दण्ड धारण किए हुए हैं




