विस्तृत उत्तर
काली पूजा की विधि कालिका पुराण और महानिर्वाण तंत्र में वर्णित है:
पूजा सामग्री
काली की मूर्ति/चित्र, लाल कपड़ा, लाल गुड़हल, सिंदूर, नींबू, सरसों तेल दीप, गूगल धूप, नैवेद्य (खीर/नारियल), रुद्राक्ष माला।
काली पूजा की क्रमिक विधि
1स्नान और संकल्प
स्नान, लाल वस्त्र। संकल्प: 'मैं महाकाली की पूजा अर्चना करता/करती हूँ।'
2स्थान और आसन
लाल या काले आसन पर बैठें। उत्तर या पूर्व मुख।
3दीप प्रज्वलन
सरसों तेल का दीप जलाएं।
4गणेश वंदना
5आवाहन
> 'ॐ क्रीं काल्यै नमः — आगच्छ देवि महाकालि'
6आसन अर्पण
7पाद्य और अर्घ्य
गंगाजल से पाद प्रक्षालन और अर्घ्य।
8पंचामृत स्नान
दूध, दही, घी, शहद, शक्कर।
9गंध (सिंदूर-चंदन)
सिंदूर का तिलक।
10पुष्प
लाल गुड़हल अर्पण: 'ॐ क्रीं काल्यै नमः'
11धूप-दीप
गूगल धूप और घी दीप।
12नैवेद्य
खीर, नींबू, नारियल।
13मंत्र जप
'ॐ क्रीं काल्यै नमः' — 108 बार
14आरती
> 'जय काली माँ जय महाकाली,
> जो पूजे तेरी वो होत खुशहाली।'
15प्रदक्षिणा
तीन बार परिक्रमा।
16क्षमा प्रार्थना
> 'अपराधसहस्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया।
> दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व जगदम्बिके।।'





