विस्तृत उत्तर
महेश्वर कवचम् के श्लोक 7 में निम्नलिखित शत्रुओं से रक्षा की प्रार्थना की गई है:
जन्म-मृत्यु-जरा-व्याधि-काम-क्रोध-लोभादिभिः। मोहादपि च मां रक्ष, महादेवा देवाधिदेव।।
सरल अर्थ: हे देवाधिदेव महादेव, मुझे जन्म, मृत्यु, बुढ़ापा (जरा), रोग (व्याधि), काम (वासना), क्रोध, लोभ और मोह (भ्रम) से भी सुरक्षित रखें।
ये आंतरिक शत्रु अक्सर दीर्घकालिक शारीरिक रोगों और तनाव (मानसिक उद्वेग) के मूल कारण होते हैं।





