लोकवितल लोक से आत्मा फिर पृथ्वी पर क्यों जन्म लेती है?वितल भोग-योनि है; पुण्य क्षय होने पर आत्मा को फिर पृथ्वी पर जन्म लेना पड़ता है।#पुनर्जन्म#वितल लोक#पृथ्वी जन्म
लोकवितल लोक में पुण्य खत्म होने पर क्या होता है?वितल लोक में पुण्य खत्म होने पर आत्मा फिर पृथ्वी लोक पर जन्म लेती है।#पुण्य क्षय#वितल लोक#पुनर्जन्म
लोकतलातल जन्म-मरण के चक्र से कैसे जुड़ा है?तलातल में पुण्य भोगकर जीव पुण्य क्षय के बाद फिर पृथ्वी पर जन्म लेता है।#तलातल#जन्म-मरण#पुण्य क्षय
लोकपुण्य क्षय होने पर तलातल के जीव कहाँ जाते हैं?पुण्य क्षय होने पर तलातल के जीव भूर्लोक पर पुनर्जन्म लेते हैं।#पुण्य क्षय#तलातल जीव#भूर्लोक
लोकतलातल का सुख अस्थायी क्यों है?तलातल का सुख पुण्य क्षय तक सीमित है; पुण्य समाप्त होने पर जीव फिर पृथ्वी पर जन्म लेते हैं।#तलातल सुख#अस्थायी#पुण्य क्षय