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विस्तृत उत्तर
पुण्य क्षय होने पर तलातल के जीव पुनः पृथ्वी लोक, यानी भूर्लोक, पर जन्म लेते हैं। तलातल में रहने वाले जीवों के पुण्य प्रबल होते हैं, इसलिए वे नरक की यातना नहीं भोगते और भोग-विलास से भरे बिल-स्वर्ग में रहते हैं। लेकिन यह सुख अस्थायी है। जब उनके पुण्य समाप्त हो जाते हैं, तो वे फिर जन्म-मरण के चक्र में लौटकर पृथ्वी पर जन्म लेते हैं।
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