रामचरितमानस — बालकाण्डसीता-राम का प्रथम मिलन कहाँ हुआ?जनकपुर की पुष्पवाटिका (राजकीय बाग) में। रामजी फूल लेने आये, सीताजी गिरिजा पूजन के लिये। 'सिय मुख ससि भए नयन चकोरा' — दोनों ने एक-दूसरे को पहली बार देखा।#बालकाण्ड#प्रथम मिलन स्थान#पुष्पवाटिका
रामचरितमानस — बालकाण्डपुष्पवाटिका में श्रीरामजी ने सीताजी को पहली बार कब देखा?जब सीताजी सखियों संग फूल चुन रहीं और कंगन-किंकिनी-नूपुर की ध्वनि सुनाई दी। रामजी ने उस ओर देखा — 'सिय मुख ससि भए नयन चकोरा' — सीताजी के मुखरूपी चन्द्रमा के लिये नेत्र चकोर बन गये। दोनों का प्रथम दर्शन पुष्पवाटिका में हुआ।
रामचरितमानस — बालकाण्डसीताजी पुष्पवाटिका में किसकी पूजा करने गयी थीं?गिरिजा (पार्वती/भवानी) की पूजा करने — माता ने भेजा था। 'तेहि अवसर सीता तहँ आई। गिरिजा पूजन जननि पठाई॥' सखियों के साथ आयीं, फूल चुने, फिर पार्वती मन्दिर में पूजा की।#बालकाण्ड#सीता#पुष्पवाटिका