साधना के चरणतीर्थ प्राशन क्या होता है और कैसे करते हैं?तीर्थ प्राशन: पूजा के जल को दाहिने हाथ की गोकर्ण मुद्रा (गाय के कान जैसी) बनाकर ग्रहण करें — यह भैरव की ऊर्जा को भीतर आत्मसात करने की अंतिम क्रिया है।#तीर्थ प्राशन#गोकर्ण मुद्रा#पूजा जल
पूजा विधि एवं नियमपूजा के बाद आरती का जल कहाँ डालें?पूजा और आरती का जल तुलसी के पौधे में, पीपल की जड़ में या पवित्र नदी में डालें। इसे नाली या अपवित्र स्थान में न बहाएं। चरणामृत प्रसाद रूप में ग्रहण करना सर्वोत्तम है।#आरती#पूजा जल#गंगाजल
पूजा विधिपूजा में उपयोग किया गया जल कहाँ फेंकेंपूजा जल तुलसी के पौधे, पीपल/बरगद की जड़ या बगीचे में डालें। चरणामृत प्रसाद के रूप में ग्रहण करें, फेंकें नहीं। नाली, शौचालय या कूड़ेदान में कभी न डालें। फ्लैट में गमले के पौधे में डालना उत्तम विकल्प है।#पूजा जल#चरणामृत#विसर्जन