ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

पूजा फल से जुड़े सभी प्रश्न(4)

पूजा फल पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 4 प्रश्न उपलब्ध हैं।

पूजा विधि एवं कर्मकांड

पूजा में फल अर्पित करने का नियम

पूजा में विषम संख्या में साबुत, मौसमी और देवता के प्रिय फल अर्पित करें। कटे, सड़े या अधपके फल न चढ़ाएँ। नारियल सर्वाधिक पवित्र फल है। 'इदं फलं मया देव...' मंत्र बोलें।

#फल अर्पण#पूजा फल#देवता फल
पूजा विधि एवं कर्मकांड

पूजा में विषम संख्या में फल क्यों रखते हैं

विषम संख्या (1,3,5,7) में फल रखना इस भाव का प्रतीक है कि भक्त की भक्ति अभी अधूरी है और वह पूर्ण आशीर्वाद की प्रतीक्षा में है। तीन त्रिमूर्ति का, पाँच पंचतत्व का और सात लोकों का प्रतीक है।

#विषम संख्या#पूजा फल#1 3 5 7
दक्षिणामूर्ति साधना

दक्षिणामूर्ति पूजा समर्पण मंत्र क्या है?

समर्पण मंत्र: 'मया कृत श्री मेधो दक्षिणामूर्ति देवता नित्य पूजा फलं सर्वं... अर्पणमस्तु।'

#समर्पण मंत्र#पूजा फल#दक्षिणामूर्ति
भक्ति एवं आध्यात्म

पूजा का फल कब तक मिलता है?

पूजा का तत्काल फल — मन की शांति। सांसारिक फल प्रारब्ध कर्म, भाव की गहराई और ईश्वर की योजना पर निर्भर। शास्त्र में आशु, मध्यम और दीर्घ तीन प्रकार के फल बताए गए। भगवान देरी करते हैं, मना नहीं करते।

#पूजा फल#भक्ति#कर्म
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।