पूजा विधि एवं कर्मकांडअपराध क्षमापन मंत्र पूजा अंत मेंपूजा के अंत में बोलें — 'अपराधसहस्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया। दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वर॥' देवी की पूजा में 'परमेश्वरी' बोलें। यह मंत्र पूजा में हुई समस्त भूलों की क्षमा के लिए है।#अपराध क्षमापन#क्षमा मंत्र#पूजा समापन
पूजा विधिकालसर्प पूजा के बाद नाग-नागिन की प्रतिमा का क्या करें?कालसर्प पूजा के बाद चांदी के नाग-नागिन की प्रतिमा को किसी योग्य ब्राह्मण को दान करें या पवित्र नदी/जलाशय में विसर्जित करें।#नाग प्रतिमा विसर्जन
पूजा विधि और अनुष्ठानपूजा में जप का फल कैसे समर्पित करते हैं?जप का फल 'गुह्यातिगुह्य गोप्ता त्वं' मंत्र से देव चरणों में समर्पित करते हैं — यह साधना फल का अहंकाररहित भाव से ईश्वर को प्रत्यार्पण है।#जप समर्पण#गुह्यातिगुह्य#फल समर्पण
पूजा विधिपूजा के बाद भगवान को धन्यवाद कैसे दें?धन्यवाद कैसे: क्षमा प्रार्थना ('अपराधसहस्राणि...'), कृतज्ञता ('जीवन-परिवार-स्वास्थ्य के लिए धन्यवाद'), फलार्पण ('इस पूजा का फल भगवान को'), साष्टांग प्रणाम, आत्मनिवेदन। संस्कृत न आए तो हिंदी में — भगवान सब समझते हैं।#धन्यवाद#कृतज्ञता#क्षमा प्रार्थना