विस्तृत उत्तर
अर्धनारीश्वर पूजन में समर्पण चरण के अंतर्गत जप का फल 'गुह्यातिगुह्य गोप्ता त्वं' मंत्र से देव चरणों में समर्पित किया जाता है।
यह साधना के फल का ईश्वर को प्रत्यार्पण है, जो अहंकार रहित भाव से की जाने वाली साधना का अंतिम और महत्वपूर्ण चरण है।





