प्रमुख पौराणिक कथाएंगजेन्द्र मोक्ष का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?गजेन्द्र = जीव (अहंकार में मग्न); सरोवर = संसार; ग्राह = काल/मृत्यु; परिवार = मृत्यु में सब छोड़ देते हैं। जब 'मैं-मेरा' का अहंकार त्यागकर पूर्ण समर्पण → भगवान माया रूपी मगरमच्छ से रक्षा करते हैं। गजेन्द्र ने किसी का नाम नहीं लिया — 'मूल कारण' को पुकारा।#गजेन्द्र मोक्ष अर्थ#जीव अहंकार#काल मृत्यु
हवन विधानहवन में 'स्वाहा' का क्या अर्थ है?'स्वाहा' का अर्थ है पूर्ण समर्पण और भस्म कर देना — अग्निदेव आहुति को सूक्ष्म रूप में ग्रहण करके इष्ट देव तक पहुंचाते हैं। हवन मंत्र के अंत में 'स्वाहा' कहकर आहुति दी जाती है।
आध्यात्मिक विज्ञानस्कंद पुराण के अनुसार नंदीशेनेश्वर शिवलिंग किस भाव को जाग्रत करता है?यह शिवलिंग साधक के भीतर 'वीर-भाव' (आंतरिक वीरता और निर्भयता), अजेय मानसिक बल और भगवान शिव के प्रति पूर्ण समर्पण के भाव को जाग्रत करता है।#वीर भाव#निर्भयता#पूर्ण समर्पण