रामचरितमानस — बालकाण्ड'ठुमकि चलत रामचन्द्र बाजत पैंजनियाँ' — यह किस लीला का वर्णन है?श्रीरामजी की बाललीला — जब वे ठुमक-ठुमककर चलते और माता कौशल्या बुलाने जातीं तो भागते। 'निगम नेति सिव अंत न पावा। ताहि धरैं जननी हठि धावा' — जिनका अन्त वेद और शिव भी नहीं पाते, उन्हें माता हठ से पकड़ने दौड़तीं।#बालकाण्ड#ठुमकि चलत#पैंजनियाँ
रामचरितमानस — बालकाण्डश्रीरामजी की बाललीला में कौन-कौन सी लीलाएँ प्रमुख हैं?प्रमुख बाललीलाएँ — (1) कौशल्या की गोद में खेलना, (2) ठुमककर चलना-पैंजनी बजना, (3) दही-भात मुँह लपटाकर भागना, (4) धूल में लोटना, (5) ईष्टदेव का नैवेद्य खाना। सबको परम आनन्द दिया।
रामचरितमानस — बालकाण्डमाता कौशल्या ने चतुर्भुज रूप देखकर क्या प्रार्थना की?'तजहु तात यह रूपा। कीजै सिसुलीला अति प्रियसीला' — विष्णु रूप छोड़कर बालक बनो, यह सुख अनुपम है। भगवान ने बालक रूप धरकर रोना शुरू किया।#बालकाण्ड#कौशल्या प्रार्थना#बाललीला