लोकब्रह्मा की रात्रि समाप्त होने पर ऋषि महर्लोक में कैसे लौटते हैं?ब्रह्मा की रात्रि समाप्त होने पर भृगु आदि ऋषि अपनी योग-शक्ति से जनलोक से महर्लोक में लौट आते हैं और सृष्टि-सम्बन्धी अधिकार पुनः ग्रहण करते हैं।#ब्रह्मा रात्रि#महर्लोक#ऋषि लौटना
लोकब्रह्मा की रात्रि में महर्लोक की स्थिति क्या होती है?ब्रह्मा की रात्रि में महर्लोक पूर्णतः रिक्त किंतु अस्तित्वमान रहता है। कोई निवासी नहीं, कोई प्रकाश नहीं — फिर भी चिन्मय संरचना महाकाश में स्थिर रहती है।
लोकनैमित्तिक प्रलय क्या है?नैमित्तिक प्रलय ब्रह्मा के एक दिन (कल्प) के अंत में होता है जब केवल त्रैलोक्य (भूर्लोक, भुवर्लोक, स्वर्लोक) भस्म होता है। महर्लोक इस प्रलय में भस्म नहीं होता पर निर्जन हो जाता है।#नैमित्तिक प्रलय#ब्रह्मा रात्रि#कल्प