शिव शाबर मंत्रशाबर साधना की समाप्ति पर समापन विधि क्या है?क्षमा प्रार्थना करें और संकल्प के अनुसार गरीबों को भोजन या वस्त्र दान (भंडारा) करें।#समापन विधि#क्षमा प्रार्थना#दान पुण्य
मंदिर शिष्टाचारमंदिर परिसर में भोजन करना उचित है या नहीं?गर्भगृह/मंडप: वर्जित। प्रसाद भोजन स्थल (आनन्द बाजार/लंगर/अन्नप्रसादम): उचित+शास्त्रसम्मत। प्रांगण: शर्तों सहित (सात्विक, स्वच्छता)। बाहरी भोजन: अधिकांश में अनुचित। प्रसाद = गीता 3.13 — सर्वपाप मुक्ति। मंदिर = पिकनिक स्पॉट नहीं — अनुशासन से।#मंदिर भोजन#प्रसाद भोजन
मंदिर दानमंदिर में अन्नदान करने का शास्त्रीय विधान क्या है?अन्नदान = सर्वश्रेष्ठ दान ('अन्नदानं परं दानम्')। अन्न = ब्रह्म (उपनिषद)। विधि: संकल्प → शुद्ध सात्विक भोजन → भूखे/निर्धन/मंदिर रसोई को। श्रद्धा-सम्मान से, बासी नहीं। प्रतिदिन सर्वोत्तम। भंडारा सेवा = श्रम-दान। गीता: अन्नदान न करना = 'चोरी'।#अन्नदान#भंडारा#अन्नक्षेत्र