लोकभुवर्लोक में भूत-प्रेत क्यों भटकते हैं?कर्म-बंधन, अकाल मृत्यु या भौतिक आसक्ति के कारण जो आत्माएं पृथ्वी के मोह से मुक्त नहीं हो पातीं वे सूक्ष्म शरीर में भुवर्लोक में भटकती रहती हैं।#भुवर्लोक#भूत प्रेत#कर्म बंधन
मरणोपरांत आत्मा यात्रादस दिन पिण्डदान न करने पर आत्मा की क्या स्थिति होती है?पिण्डदान न होने पर आत्मा भूख से व्याकुल होकर वायव्य रूप में भटकती रहती है।#पिण्डदान न करना#आत्मा#भटकना
मरणोपरांत आत्मा यात्रामृत्यु के तुरंत बाद आत्मा को वायुजा देह क्यों मिलती है?मृत्यु के तुरंत बाद पिण्डज शरीर बनने से पहले आत्मा वायुजा देह में वायुमंडल में विचरण करती है।#वायुजा देह#मृत्यु#आत्मा
जीवन एवं मृत्युक्या प्रेत अपने परिवार के पास रहता है?हाँ, गरुड़ पुराण के अनुसार प्रेत-आत्मा 13 दिनों तक परिजनों के पास रहती है। मोहग्रस्त आत्माएँ लंबे समय तक घर के पास भटकती हैं। परिजन उसे देख-सुन नहीं पाते — यही उसकी पीड़ा है।#प्रेत#परिवार#भटकना