व्रत एवं त्योहारभाई दूज क्यों मनाते हैं?भाई दूज इसलिए मनाते हैं क्योंकि इसी दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर भोजन के लिए गए थे। यमुना के स्नेह से प्रसन्न होकर यमराज ने वरदान दिया कि जो भाई इस दिन बहन के हाथों तिलक करवाएगा, उसे यमलोक का भय नहीं होगा।#भाई दूज#यम द्वितीया#यमराज
त्योहार पूजाभैया दूज पर यमराज की पूजा क्यों करते हैं?भैया दूज यमराज: यम-यमुना कथा (बहन ने भोजन कराया→यम ने वर='अकाल मृत्यु नहीं'), यम=मृत्यु देवता (भाई रक्षा), यमुना स्नान=यम भय मुक्ति। बहन→तिलक→भोजन→दक्षिणा। रक्षाबंधन पूरक।#भैया दूज#यमराज
पर्वभैया दूज पर पूजा कैसे करेंभैया दूज: कार्तिक शुक्ल द्वितीया। बहन भाई को तिलक (रोली-चावल) → आरती → मिठाई/फल → भोजन खिलाए। भाई उपहार दे। कथा: यमुना ने यमराज का तिलक किया — वरदान: तिलक करवाने वाले को यमभय नहीं। भाई-बहन स्नेह बन्धन।#भैया दूज#यम द्वितीया#भाई-बहन
त्योहार पूजारक्षाबंधन पर रक्षा सूत्र बांधने का मंत्र क्या है?राखी मंत्र: 'येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।' अर्थ: जिससे बलि बाँधे गए, उसी से बाँधता हूँ — अडिग रहना। विधि: तिलक → मंत्र → दाहिनी कलाई → मिठाई। भद्रा में वर्जित।#रक्षाबंधन#राखी मंत्र#रक्षा सूत्र