शिव मंदिरकाशी में मणिकर्णिका घाट पर शिव पूजा का क्या विशेष महत्व है?शिव स्वयं मृतक को तारक मंत्र देते हैं — मोक्ष। अनादि अग्नि कभी नहीं बुझी। पार्वती मणिकुंडल गिरा → नाम। अविमुक्त क्षेत्र — शिव सदा निवास। पितृ तर्पण + शिव पूजा = अत्यंत पुण्य।#काशी#मणिकर्णिका#घाट
तीर्थ एवं धामकाशी में मरने पर मोक्ष क्यों मिलता है?काशी में शिव स्वयं मरने वाले के कान में तारक मंत्र देते हैं जिससे पापी भी मोक्ष पाता है। काशी शिव का अविमुक्त क्षेत्र है जिसे वे कभी नहीं छोड़ते। मणिकर्णिका घाट पर दाह-संस्कार से आत्मा सीधे मोक्ष पाती है।
तीर्थ यात्राकाशी मणिकर्णिका दाह संस्कार विशेष पुण्यकाशी सबसे पवित्र श्मशान; 24×7 अग्नि (हजारों वर्ष)। शिव तारक मंत्र=मोक्ष। पार्वती मणिकर्ण कथा। फोटो सख्त वर्जित। डोम राजा।#मणिकर्णिका#काशी#दाह