शिव पूजा नियमशिवलिंग को स्पर्श करना चाहिए या नहीं, शास्त्रों में क्या कहा गया है?शास्त्रों के अनुसार: शिवलिंग का शीर्ष (रुद्र) भाग सीधे स्पर्श न करें। पुरुष स्नान के बाद स्पर्श कर सकते हैं। महिलाओं के लिए सीधा स्पर्श अनेक परंपराओं में वर्जित — 'नंदी मुद्रा' का विकल्प है। अविवाहित कन्याओं के लिए विशेष मनाही। मासिक धर्म में स्पर्श सर्वथा वर्जित। विषय पर मतभेद विद्यमान हैं।#स्पर्श#शिवलिंग#नियम
शिव मंत्रशिव मंत्र का जप महिलाएं भी कर सकती हैं या नहीं?हां, महिलाएं शिव मंत्र का पूर्ण जप कर सकती हैं। 'ॐ नमः शिवाय', महामृत्युंजय मंत्र आदि सभी के लिए सुलभ हैं। माता पार्वती स्वयं शिव की परम साधिका हैं। कुछ परंपराओं में रजस्वला काल में शिवलिंग स्पर्श से परहेज की सलाह है, परंतु मानसिक जप सदा किया जा सकता है।
व्रत एवं उपवासएकादशी व्रत महिलाएँ कर सकती हैं क्या?हाँ, एकादशी व्रत महिलाएँ अवश्य कर सकती हैं। मासिक धर्म के दौरान स्वयं पूजा न करें, लेकिन कथा श्रवण, भजन और भगवान स्मरण कर सकती हैं तथा चावल का त्याग करें। शुद्धि के बाद द्वादशी पर पारण करें।#एकादशी#महिलाएं#व्रत
दुर्गा सप्तशतीदुर्गा सप्तशती का पाठ महिलाएं कर सकती हैं या नहीं?हां — पूर्ण अधिकार। शाक्त परंपरा: देवी = स्त्री शक्ति, कोई प्रतिबंध नहीं। देवी भागवत: सभी संतान, भेद नहीं। नियम: शुद्धता, सात्विक — सबके लिए समान। मासिक धर्म: कुछ में बचें/मानसिक पाठ।#महिलाएं#पाठ#अधिकार