विस्तृत उत्तर
हां — महिलाएं दुर्गा सप्तशती का पाठ कर सकती हैं:
शाक्त परंपरा
देवी = स्त्री शक्ति। स्त्रियों को देवी उपासना का पूर्ण अधिकार — शाक्त मत में कोई प्रतिबंध नहीं।
देवी भागवत
देवी स्वयं कहती हैं कि सभी (स्त्री/पुरुष) उनकी संतान हैं — भक्ति में कोई भेद नहीं।
विद्वान मत
अधिकांश आधुनिक विद्वान और आचार्य महिलाओं के सप्तशती पाठ अधिकार का समर्थन करते हैं। कुछ कठोर परंपराओं में प्रतिबंध था — किन्तु यह शास्त्रसम्मत नहीं माना जाता।
नियम (सभी के लिए)
- ▸शुद्धता, ब्रह्मचर्य, सात्विक आहार — पुरुष/महिला दोनों।
- ▸मासिक धर्म में पाठ से बचें (कुछ परंपरा) — या मानसिक पाठ करें।
- ▸शुद्ध उच्चारण ध्यान रखें।
सार: महिलाओं को पूर्ण अधिकार है। देवी = माता — माता अपनी पुत्रियों की भक्ति अस्वीकार नहीं करतीं।





