दिव्यास्त्रकार्तिकेय को वेल किसने दिया थाकार्तिकेय को वेल उनकी माता पार्वती ने दिया था। स्कंद पुराण में वर्णित है — 'माँ पार्वती द्वारा दी गई शक्तियों से परिपूर्ण अस्त्र का नाम वेल है।' यह तारकासुर-वध के लिए था।#वेल दाता#माता पार्वती#कार्तिकेय
बटुक भैरव परिचय और स्वरूपबटुक भैरव को किसका अनुचर माना जाता है?बटुक भैरव को भगवान शिव के गण और माता पार्वती जी के अनुचर के रूप में पूजा जाता है।#बटुक भैरव#पार्वती अनुचर#शिव गण
व्रत के लाभलड़कियां (अविवाहित कन्याएं) सोमवार का व्रत क्यों रखती हैं?माता पार्वती ने शिव जी को पति रूप में पाने के लिए यही व्रत और तपस्या की थी। इसलिए मनचाहा और सुयोग्य जीवनसाथी पाने के लिए अविवाहित कन्याएं यह व्रत रखती हैं।#अविवाहित कन्याएं#मनोवांछित वर#माता पार्वती
कार्तिकेय कथाकार्तिकेय का पालन-पोषण किसने किया था?कार्तिकेय का पालन-पोषण मुख्यतः कृत्तिका नक्षत्र की छह देवियों ने किया जिन्होंने उन्हें स्तनपान कराया। इसीलिए वे 'कार्तिकेय' कहलाए। इसके अतिरिक्त गंगा, अग्निदेव और माता पार्वती भी उनकी मातृशक्तियाँ मानी जाती हैं।#कार्तिकेय#कृत्तिकाएं#षण्मुख