मंत्र जप विधिमानस जप क्या है और इसे कैसे सिद्ध करें?मन में (होंठ नहीं हिलें) = 1000 गुना। क्रम: वाचिक→उपांशु→मानस। श्वास संयोजन। ~6 मास अभ्यास। सिद्धि: अजपा जप = मंत्र स्वतः चलता रहे (सोते-जागते)।#मानस#जप#सिद्ध
लोकमेरु पर्वत के पास कौन से चार दिव्य सरोवर हैं?मेरु पर्वत के पास चार दिव्य सरोवर हैं — अरुणोद, महाभद्र, शीतोद और मानस। इनमें स्नान करने से देवगण अलौकिक आनंद और ऊर्जा प्राप्त करते हैं।#मेरु पर्वत#सरोवर#अरुणोद
मंत्र जप नियममंत्र जप चलते-फिरते करने से भी लाभ होता है क्या?हां — मानस जप कहीं भी शुभ। किन्तु: अनुष्ठान/माला = बैठकर। चलते-फिरते = सतत स्मरण (गिनती नहीं)। आदर्श: नियत समय औपचारिक + शेष सतत। चैतन्य: चलते-नाचते 'हरे कृष्ण'।#चलते#फिरते#जप
मंत्र जप ज्ञानमंत्र जप में वाचिक उपांशु और मानस जप में कौन सर्वश्रेष्ठ है?मानस (1000x) > उपांशु (100x) > वाचिक (1x)। शुरुआत: उपांशु/वाचिक। अनुष्ठान: उपांशु। सिद्ध: मानस। शास्त्र: 'सहस्रगुणम् मानसम् उत्तमम्।' भक्ति भाव प्रधान।#वाचिक#उपांशु#मानस
शिव मंत्रशिव मंत्र का उपांशु जप और मानस जप में कौन अधिक फलदायी है?मानस (मन में) > उपांशु (फुसफुसाकर) > वाचिक (बोलकर)। शास्त्र: मानस = 100-1000 गुना फल। उपांशु = अनुष्ठान में सर्वाधिक प्रचलित। शुरुआत: उपांशु/वाचिक, अभ्यास बाद: मानस। भक्ति भाव सर्वोपरि।#उपांशु#मानस#जप